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शुक्रवार, अप्रैल 14, 2017

सांस लेता हूँ तो ज़ख्मों को हवा सी लगती

अब तो अपनी तबियत भी कुछ जुदा सी लगती है;
सांस लेता हूँ तो ज़ख्मों को हवा सी लगती है;
कभी राज़ी तो कभी मुझसे खफा सी लगती है;
ज़िंदगी तु ही बता कि तु मेरी क्या लगती है↶↶↶

शनिवार, दिसंबर 17, 2016

मुझको ऐसा दर्द मिला जिसकी दवा नहीं


  1. मुझको ऐसा दर्द मिला जिसकी दवा नहीं,
  2. फिर भी खुश हूँ मुझे उस से कोई गिला नहीं,
  3. और कितने आंसू बहाऊँ उस के लिए,
  4. जिसको खुदा ने मेरे नसीब में लिखा ही नहीं.