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बुधवार, मई 10, 2017

आँखों में आंसुओं की लकीर बन गयी

आँखों में आंसुओं की लकीर बन गयी;
जैसी चाहिए थी वैसी तकदीर बन गयी;
हमने तो सिर्फ रेत में उंगलियाँ घुमाई थी;
गौर से देखा तो आपकी तस्वीर बन गयी↶↶

मंगलवार, मई 02, 2017

Tujhe ghazal bana ke jubaan pe laane

तेरी सादगी को निहारने का दिल करता हैं,
तमाम उम्र तेरे नाम करने का दिल करता है,
एक मुकम्मल शायरी हैं तू कुदरत की,
तुजे ग़ज़ल बनाके जुबान पे लेन का दिल करता है↶↶