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शुक्रवार, अप्रैल 21, 2017

जिंदगी वीरान थी और मौत भी गुमनाम

चंद साँसे बची हैं आखिरी बार दीदार दे दो,
झूठा ही सही एक बार मगर तुम प्यार दे दो,
जिंदगी वीरान थी और मौत भी गुमनाम ना हो,
मुझे गले लगा लो फिर मौत मुझे हजार दे दो🔼🔼🔼🔼